Warning: include(domaintitles/domaintitle_wiki.exoticindiaart.php3): failed to open stream: No such file or directory in /home/exotic/newexotic/header.php3 on line 761

Warning: include(): Failed opening 'domaintitles/domaintitle_wiki.exoticindiaart.php3' for inclusion (include_path='.:/usr/lib/php:/usr/local/lib/php') in /home/exotic/newexotic/header.php3 on line 761

Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Sign In  |  Sign up
Your Cart (0)
Best Deals
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Performing Arts > Notations > फ़िल्‍मी सहगान अंक: Filmi Chorus Songs (With Notation)
Subscribe to our newsletter and discounts
फ़िल्‍मी सहगान अंक:  Filmi Chorus Songs (With Notation)
Pages from the book
फ़िल्‍मी सहगान अंक: Filmi Chorus Songs (With Notation)
Look Inside the Book
Description

भूमिका

फ़िल्मों में गीत को प्रभावशाली बनाने के लिए सहगान की परम्परा शुरू हुई । इसे कोरस भी कहा जाता है । जब कोई गीत एकाकी रूप में प्रस्तुत किया जात। है तो उसके भाव मन को छूते हैं लेकिन जिन गीतों में भाव की गहराई अधिक नहीं होती, केवल उल्लास मात्र या उत्सव प्रधान भावना रहती है, वहां एकाकी गीत उतना प्रभाव नहीं डाल पाता, इसलिए ऐसे गीतों को कोरस या सहगान के माध्यम से बल प्रदान किया जाता है ।

प्रारम्भ की फ़िल्मों में कोरस गीतों का बहुत अधिक प्रचलन था क्योंकि वे ऋतुओं या उत्सवों से सम्बन्धित अधिक होते थे । उनमें उल्लास और आनन्द की अभिव्यक्ति भरने के लिए मूल गायक या गायिका कें साथ सहगायकों का प्रयोग अवश्य किया जाता था । सामाजिक स्थितियाँ बदलने के साथ-साथ ऐसे गीतों का प्रचलन कम होता गया । लेकिन उन मधुर गीतों को कभी मुलाया नहीं जा सकता, वही कारण है कि वे आम भी मन को छूते है और लोग उन्हें गुनगुनाते हैं ।

उपर्युक्त दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर यह फ़िल्मी सहगान अंक प्रकाशित किया वा रहा है । आशा है पाठक गीतों के स्वरांकन से लाभान्वित होंगे ।

 

फ़िल्मनामाक्रनुम

1

अंकुश (इतनी शक्ति हमें देना अशोक खोसला मुरलीधर, घनश्याम वासवानी, शेखर शवताम)

196

2

अनजान (प्यारे-प्यारे सपने हमारे   अशोक कुमार व बच्चे)

103

3

आपकी खातिर (बबई से आया मेरा दोस्त बप्पी कहिसे व समूह)

180

4

कल्पना (दीप चलाओ कोरस)

136

5

काजल (हार गई नेहा लगाय शमशाद बेग़म शकील बदायूँनी)

140

6

कादम्बरी (लिखो-लिखो री सखी कोरस)

149

7

कादम्बरी (आई बसन्त ऋतु आई  शान्ता आप्टे)

92

8

काशीनाथ (आई रे, आई रे, आई रे असित वरन वग़ैरा)

38

9

खानदान (मार गई रे, हमें तेरी नजरिया नूरजहाँ, समीर)

97

10

ज़बक (शम्मा जली अरमानों की लता व अन्य)

80

11

ज़मीदार (जारी सखी मोरे पी को सुना दे कोरस)

74

12

जय संतोषी माँ (मैं तो आरती उतारूँ रे उषा मंगेशकर व समूह)

192

13

जवाब (दूर देश का रहने वाला कानन देवी वगैरह)

120

14

जवाब (ये मुझसे कहा दिन ने जमुना और ??)

128

15

ज्वार भाटा (साँझ की बेला पंथी अकेला अरुण कुमार, साथी)

113

16

तमाशा (क्यूँ उनसे मुहब्बत हो गई गोपे, अरबी, मसूद)

89

17

दर्द (हमदर्द का अफ़साना शमशाद, साथी)

86

18

दस बजे (काहे को मुसकाई उर्मिला आदि)

43

19

दो बीघा जमीन (धरती कहे पुकार के मन्ना डे, लता व कोरस)

61

20

धनंजय (न मिला है न मिलेगा तुझे आराम सी० रामचन्द्र व साथी)

70

21

नमस्ते (आन मिलो मोरे श्याम कोरस)

9

22

नाइट वर्ड ( आंसू भी पिये ताने भी सहे मुबारक बेगम)

156

23

नीरा और नन्दा (पुनम का चन्दा कोरस)

54

24

पगली दुनिया (घटा छा गई अब घनघोर कोरस)

20

25

पृथ्वी बल्लभ (आ अपना रंग जमाले कोरस)

27

26

प्रेम संगीत (गाये जा तू गाये जा कोरस?

163

27

बसन्त (एक दुनिया बसाले मुमताज शांति, उल्हास)

83

28

बेटी (कभी याद औस बनके चु शींद, वासंती व अन्य)

144

29

माली ( मानो मानो कान्हा कोरस)

175

30

मेरा गीत (हमसे रूठे ही भले कोरस)

46

31

मूर्ति (बदरिया बरस गई उस पार खुर्शीद, हमीदा, मुकेश)

16

32

रतन (रुमझुम बरसे बादरवा कोरस)

160

33

रामराज्य (आवो री सुहागन नारी कोरस)

173

34

लम्बे हाथ (प्यार की राह मोहम्मद रफी व साथी)

76

35

वापस (जीवन है बेकार बिना तुम्हारे असित वरन आदि)

65

36

वामिक अजरा (ये दिल तुम पर फिदा हे कोरस)

50

37

शकुन्तला (सुख भरा सुख भरा कोरस)

13

38

शर्त (चला काफिला प्यार का आशा भोसले व कोरस)

107

39

शादी (घिर-घिर आई बदरिया खुर्शीद व पार्टी)

147

40

संगीता (जबसे मिली है नज़र लता व कोरस)

100

41

सगाई (किस्मत का लिक्खा लता व कोरस)

153

42

सत्यम् शिवम् सुन्दरम् (सत्यम् शिवम् सुन्दरम् लता व समूह)

184

43

सम्राट चन्द्रगुप्त (चकोरी चन्दा के अँगना कोरस)

34

44

सरकस की सुन्दरी (मैं कली बनूँ मतवाली मोतबाई वगैरह)

117

45

सिकन्दर (ज़िन्दगी है प्यार से कोरस)

95

46

सी० आई० डी० (जादू नगरी से आया है आशा भोसले, शमशाद व रफ़ी)

125

47

स्टेशन मास्टर (मोरे परदेसी सजन रममूर्ति वगैरह) एंड

57

48

हमारा संसार (होली का त्यौहार आज है कोरस)

23

49

हमारी बात (बादल दल-सा निकल चला कोरस)

168

50

हॉस्पीटल (अब आई बहार नई कानन बाला आदि)

132

 

Sample Page

फ़िल्‍मी सहगान अंक: Filmi Chorus Songs (With Notation)

Item Code:
HAA243
Cover:
Paperback
Edition:
2000
ISBN:
8185057842
Language:
Hindi
Size:
9.0 inch X 6.0 inch
Pages:
206
Other Details:
Weight of the Book: 240 gms
Price:
$30.00   Shipping Free
Look Inside the Book
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
फ़िल्‍मी सहगान अंक:  Filmi Chorus Songs (With Notation)

Verify the characters on the left

From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 4464 times since 11th Jun, 2018

भूमिका

फ़िल्मों में गीत को प्रभावशाली बनाने के लिए सहगान की परम्परा शुरू हुई । इसे कोरस भी कहा जाता है । जब कोई गीत एकाकी रूप में प्रस्तुत किया जात। है तो उसके भाव मन को छूते हैं लेकिन जिन गीतों में भाव की गहराई अधिक नहीं होती, केवल उल्लास मात्र या उत्सव प्रधान भावना रहती है, वहां एकाकी गीत उतना प्रभाव नहीं डाल पाता, इसलिए ऐसे गीतों को कोरस या सहगान के माध्यम से बल प्रदान किया जाता है ।

प्रारम्भ की फ़िल्मों में कोरस गीतों का बहुत अधिक प्रचलन था क्योंकि वे ऋतुओं या उत्सवों से सम्बन्धित अधिक होते थे । उनमें उल्लास और आनन्द की अभिव्यक्ति भरने के लिए मूल गायक या गायिका कें साथ सहगायकों का प्रयोग अवश्य किया जाता था । सामाजिक स्थितियाँ बदलने के साथ-साथ ऐसे गीतों का प्रचलन कम होता गया । लेकिन उन मधुर गीतों को कभी मुलाया नहीं जा सकता, वही कारण है कि वे आम भी मन को छूते है और लोग उन्हें गुनगुनाते हैं ।

उपर्युक्त दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर यह फ़िल्मी सहगान अंक प्रकाशित किया वा रहा है । आशा है पाठक गीतों के स्वरांकन से लाभान्वित होंगे ।

 

फ़िल्मनामाक्रनुम

1

अंकुश (इतनी शक्ति हमें देना अशोक खोसला मुरलीधर, घनश्याम वासवानी, शेखर शवताम)

196

2

अनजान (प्यारे-प्यारे सपने हमारे   अशोक कुमार व बच्चे)

103

3

आपकी खातिर (बबई से आया मेरा दोस्त बप्पी कहिसे व समूह)

180

4

कल्पना (दीप चलाओ कोरस)

136

5

काजल (हार गई नेहा लगाय शमशाद बेग़म शकील बदायूँनी)

140

6

कादम्बरी (लिखो-लिखो री सखी कोरस)

149

7

कादम्बरी (आई बसन्त ऋतु आई  शान्ता आप्टे)

92

8

काशीनाथ (आई रे, आई रे, आई रे असित वरन वग़ैरा)

38

9

खानदान (मार गई रे, हमें तेरी नजरिया नूरजहाँ, समीर)

97

10

ज़बक (शम्मा जली अरमानों की लता व अन्य)

80

11

ज़मीदार (जारी सखी मोरे पी को सुना दे कोरस)

74

12

जय संतोषी माँ (मैं तो आरती उतारूँ रे उषा मंगेशकर व समूह)

192

13

जवाब (दूर देश का रहने वाला कानन देवी वगैरह)

120

14

जवाब (ये मुझसे कहा दिन ने जमुना और ??)

128

15

ज्वार भाटा (साँझ की बेला पंथी अकेला अरुण कुमार, साथी)

113

16

तमाशा (क्यूँ उनसे मुहब्बत हो गई गोपे, अरबी, मसूद)

89

17

दर्द (हमदर्द का अफ़साना शमशाद, साथी)

86

18

दस बजे (काहे को मुसकाई उर्मिला आदि)

43

19

दो बीघा जमीन (धरती कहे पुकार के मन्ना डे, लता व कोरस)

61

20

धनंजय (न मिला है न मिलेगा तुझे आराम सी० रामचन्द्र व साथी)

70

21

नमस्ते (आन मिलो मोरे श्याम कोरस)

9

22

नाइट वर्ड ( आंसू भी पिये ताने भी सहे मुबारक बेगम)

156

23

नीरा और नन्दा (पुनम का चन्दा कोरस)

54

24

पगली दुनिया (घटा छा गई अब घनघोर कोरस)

20

25

पृथ्वी बल्लभ (आ अपना रंग जमाले कोरस)

27

26

प्रेम संगीत (गाये जा तू गाये जा कोरस?

163

27

बसन्त (एक दुनिया बसाले मुमताज शांति, उल्हास)

83

28

बेटी (कभी याद औस बनके चु शींद, वासंती व अन्य)

144

29

माली ( मानो मानो कान्हा कोरस)

175

30

मेरा गीत (हमसे रूठे ही भले कोरस)

46

31

मूर्ति (बदरिया बरस गई उस पार खुर्शीद, हमीदा, मुकेश)

16

32

रतन (रुमझुम बरसे बादरवा कोरस)

160

33

रामराज्य (आवो री सुहागन नारी कोरस)

173

34

लम्बे हाथ (प्यार की राह मोहम्मद रफी व साथी)

76

35

वापस (जीवन है बेकार बिना तुम्हारे असित वरन आदि)

65

36

वामिक अजरा (ये दिल तुम पर फिदा हे कोरस)

50

37

शकुन्तला (सुख भरा सुख भरा कोरस)

13

38

शर्त (चला काफिला प्यार का आशा भोसले व कोरस)

107

39

शादी (घिर-घिर आई बदरिया खुर्शीद व पार्टी)

147

40

संगीता (जबसे मिली है नज़र लता व कोरस)

100

41

सगाई (किस्मत का लिक्खा लता व कोरस)

153

42

सत्यम् शिवम् सुन्दरम् (सत्यम् शिवम् सुन्दरम् लता व समूह)

184

43

सम्राट चन्द्रगुप्त (चकोरी चन्दा के अँगना कोरस)

34

44

सरकस की सुन्दरी (मैं कली बनूँ मतवाली मोतबाई वगैरह)

117

45

सिकन्दर (ज़िन्दगी है प्यार से कोरस)

95

46

सी० आई० डी० (जादू नगरी से आया है आशा भोसले, शमशाद व रफ़ी)

125

47

स्टेशन मास्टर (मोरे परदेसी सजन रममूर्ति वगैरह) एंड

57

48

हमारा संसार (होली का त्यौहार आज है कोरस)

23

49

हमारी बात (बादल दल-सा निकल चला कोरस)

168

50

हॉस्पीटल (अब आई बहार नई कानन बाला आदि)

132

 

Sample Page

Post a Comment
 
Post Review
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy
Based on your browsing history
Loading... Please wait

Items Related to फ़िल्‍मी सहगान अंक: Filmi Chorus... (Performing Arts | Books)

ताल मार्तण्ड: Tala Martand (With Notation)
Deal 10% Off
Item Code: NZD990
$20.00$18.00
You save: $2.00 (10%)
Add to Cart
Buy Now
Krtima Nimalai - Sri Muddusvami Diksitars Compositions (With Notation)
by Padma Varadan
Hardcover (Edition: 2008)
Vipanci Charitable Trust
Item Code: NAH880
$60.00
Add to Cart
Buy Now
Testimonials
Thank you for such wonderful books on the Divine.
Stevie, USA
I have bought several exquisite sculptures from Exotic India, and I have never been disappointed. I am looking forward to adding this unusual cobra to my collection.
Janice, USA
My statues arrived today ….they are beautiful. Time has stopped in my home since I have unwrapped them!! I look forward to continuing our relationship and adding more beauty and divinity to my home.
Joseph, USA
I recently received a book I ordered from you that I could not find anywhere else. Thank you very much for being such a great resource and for your remarkably fast shipping/delivery.
Prof. Adam, USA
Thank you for your expertise in shipping as none of my Buddhas have been damaged and they are beautiful.
Roberta, Australia
Very organized & easy to find a product website! I have bought item here in the past & am very satisfied! Thank you!
Suzanne, USA
This is a very nicely-done website and shopping for my 'Ashtavakra Gita' (a Bangla one, no less) was easy. Thanks!
Shurjendu, USA
Thank you for making these rare & important books available in States, and for your numerous discounts & sales.
John, USA
Thank you for making these books available in the US.
Aditya, USA
Been a customer for years. Love the products. Always !!
Wayne, USA
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2020 © Exotic India