Warning: include(domaintitles/domaintitle_wiki.exoticindiaart.php3): failed to open stream: No such file or directory in /home/exotic/newexotic/header.php3 on line 761

Warning: include(): Failed opening 'domaintitles/domaintitle_wiki.exoticindiaart.php3' for inclusion (include_path='.:/usr/lib/php:/usr/local/lib/php') in /home/exotic/newexotic/header.php3 on line 761

Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Sign In  |  Sign up
Your Cart (0)
Best Deals
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Hindu > हिन्दी > मैंने राम रतन धन पायो (मीरा दीवानी पर चर्चा सुहानी): Osho on Mirabai
Subscribe to our newsletter and discounts
मैंने राम रतन धन पायो (मीरा दीवानी पर चर्चा सुहानी): Osho on Mirabai
मैंने राम रतन धन पायो (मीरा दीवानी पर चर्चा सुहानी): Osho on Mirabai
Description

पुस्तक के विषय में

 

ओशो प्रेम की एक झील में नौका-विहार करें। और ऐसी झील मनुष्य के इतिहास में दूसरी नहीं है, जैसी झील मीरा है। मानसरोवर भी उतना स्वच्छ नहीं। और हंसों की ही गति हो सकेगी मीरा की इस झील में। हंस बनो, तो ही उतर सकोगे इस झील में। हंस न बने तो न उतर पाओगे।

हंस बनने का अर्थ है: मोतियों की पहचान आंख में हो, मोती की आकांक्षा हृदय में हो। हंसा तो मोती चुगे! कुछ और से राजी मत हो जाना। क्षुद्र से जो राजी हो गया, वह विराट को पाने में असमर्थ हो जाता है। नदी-नालों का पानी पीने से जो तृप्त हो गया, वह मानसरोवरों तक नहीं पहुंच पाता; जरूरत ही नहीं रह जाती। मीरा की इस झील में तुम्हें निमंत्रण देता हूं। मीरा नाव बन सकती है। मीरा के शब्द तुम्हें डूबने से बचा सकते हैं। उनके सहारे पर उस पार जा सकते हो।

प्रस्तावना

 

प्रस्तुत कृति ओशो द्वारा मीरा के पदो पर दिए हुए प्रवचनों का सग्रह है । ओशो के अनुसार यह प्रवचन नहीं बल्कि मीरा के प्रेम की झील मे नौका-विहार के लिए निमंत्रण-पत्र है यह प्रेम की झील बडी अदभुत, बड़ी अनुपम है, क्योंकि यह झील पानी की नही, मीरा के आसुओ का मानसरोवर है इस मानसरोवर में जो निर्मलता हैं वह शायद गंगाजल मे भी नही है ।

मीरा को समझना बहुत कठिन है । काव्यशास्त्र की दृष्टि से अथवा तर्क और शान की दृष्टि से यदि आप मीरा को समझना चाहेगे तो चूक जाएंगे, क्योंकि मीरा न कविता है न शास्त्र । वह प्रेम-पीड़ा की एक अदभुत अनुभूति है । मीरा शरीर नही है । मीरा के रूप में भक्ति शरीर धारण करके खड़ी हो गई है ।

निराकार जब तुम्हें दिया आकार

स्वयं साकार हो गया।

प्रेम की इस साकार प्रतिमा की आंखों का एक-एक आंसू एक-एक छंद है और एक-एक पद एक-एक खंड काव्य है । जैसे अपने गिरधर-गोपाल तक पहुचने के लिए मीरा लोक-लाज, कुल-कानि, मान-मर्यादा, घर-द्वार सब कुछ छोड़ चुकी है, उसी प्रकार जब तक शान के सारे सूत्र, तर्क के सारे छल, काव्य की सारी कलाएं आप भूलने के लिए तैयार नहीं है तब तक आप मीरा के पास नहीं पहुंच सकते मीरा के आंसुओं ने प्रेम के जितने रंग बिखेरे हैं उनको आंकने के लिए न तो कोई तूलिका और न कोई काव्यशास्त्र ही समर्थ है प्रेम के रास्ते पर चलते-चलते मीरा वहा जा पहुची है जहा उसे अपने होने का भी होश नहीं है-

हम तेरी चाह में अय यार वहां तक पहुंचे

होश ये भी न जहां है कि वहां तक पहुंचे।

जब तक होनेका होश है तब तक न होनेकी भूमिका मे प्रवेश नही हो सकता ये तभी संभव है-

वो न ज्ञानी, न वो ध्यानी, बिरहम, न वो शेख,

वो कोई और थे जो तेरे मकां तक पहुंचे।

अनुक्रम

 

1

प्रेम की झील में नौका-विहार

9

2

समाधि की अभिव्यक्तियां

37

3

मैं तो गिरधर के घर जाऊं

67

4

मृत्यु का वरण अमृत का स्वाद

95

5

पद घुंघरू बांध मीरा नाची रे

123

6

श्रद्धा है द्वार प्रभु का

153

7

मैने राम रतन धन पायो

187

8

दमन नही-ऊर्ध्वगमन

217

9

राम नाम रस पीजै मनुआं

247

10

फूल खिलता है अपनी निजता से

279

 

मैंने राम रतन धन पायो (मीरा दीवानी पर चर्चा सुहानी): Osho on Mirabai

Item Code:
NZA634
Cover:
Hardcover
Edition:
2010
ISBN:
9788172612498
Language:
Hindi
Size:
8.5 inch X 7.0 inch
Pages:
318 (18 B/W illustrations)
Other Details:
Weight of the Book: 660 gms
Price:
$35.00   Shipping Free
Notify me when this item is available
Notify me when this item is available
You will be notified when this item is available
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
मैंने राम रतन धन पायो (मीरा दीवानी पर चर्चा सुहानी): Osho on Mirabai

Verify the characters on the left

From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 8870 times since 22nd Oct, 2018

पुस्तक के विषय में

 

ओशो प्रेम की एक झील में नौका-विहार करें। और ऐसी झील मनुष्य के इतिहास में दूसरी नहीं है, जैसी झील मीरा है। मानसरोवर भी उतना स्वच्छ नहीं। और हंसों की ही गति हो सकेगी मीरा की इस झील में। हंस बनो, तो ही उतर सकोगे इस झील में। हंस न बने तो न उतर पाओगे।

हंस बनने का अर्थ है: मोतियों की पहचान आंख में हो, मोती की आकांक्षा हृदय में हो। हंसा तो मोती चुगे! कुछ और से राजी मत हो जाना। क्षुद्र से जो राजी हो गया, वह विराट को पाने में असमर्थ हो जाता है। नदी-नालों का पानी पीने से जो तृप्त हो गया, वह मानसरोवरों तक नहीं पहुंच पाता; जरूरत ही नहीं रह जाती। मीरा की इस झील में तुम्हें निमंत्रण देता हूं। मीरा नाव बन सकती है। मीरा के शब्द तुम्हें डूबने से बचा सकते हैं। उनके सहारे पर उस पार जा सकते हो।

प्रस्तावना

 

प्रस्तुत कृति ओशो द्वारा मीरा के पदो पर दिए हुए प्रवचनों का सग्रह है । ओशो के अनुसार यह प्रवचन नहीं बल्कि मीरा के प्रेम की झील मे नौका-विहार के लिए निमंत्रण-पत्र है यह प्रेम की झील बडी अदभुत, बड़ी अनुपम है, क्योंकि यह झील पानी की नही, मीरा के आसुओ का मानसरोवर है इस मानसरोवर में जो निर्मलता हैं वह शायद गंगाजल मे भी नही है ।

मीरा को समझना बहुत कठिन है । काव्यशास्त्र की दृष्टि से अथवा तर्क और शान की दृष्टि से यदि आप मीरा को समझना चाहेगे तो चूक जाएंगे, क्योंकि मीरा न कविता है न शास्त्र । वह प्रेम-पीड़ा की एक अदभुत अनुभूति है । मीरा शरीर नही है । मीरा के रूप में भक्ति शरीर धारण करके खड़ी हो गई है ।

निराकार जब तुम्हें दिया आकार

स्वयं साकार हो गया।

प्रेम की इस साकार प्रतिमा की आंखों का एक-एक आंसू एक-एक छंद है और एक-एक पद एक-एक खंड काव्य है । जैसे अपने गिरधर-गोपाल तक पहुचने के लिए मीरा लोक-लाज, कुल-कानि, मान-मर्यादा, घर-द्वार सब कुछ छोड़ चुकी है, उसी प्रकार जब तक शान के सारे सूत्र, तर्क के सारे छल, काव्य की सारी कलाएं आप भूलने के लिए तैयार नहीं है तब तक आप मीरा के पास नहीं पहुंच सकते मीरा के आंसुओं ने प्रेम के जितने रंग बिखेरे हैं उनको आंकने के लिए न तो कोई तूलिका और न कोई काव्यशास्त्र ही समर्थ है प्रेम के रास्ते पर चलते-चलते मीरा वहा जा पहुची है जहा उसे अपने होने का भी होश नहीं है-

हम तेरी चाह में अय यार वहां तक पहुंचे

होश ये भी न जहां है कि वहां तक पहुंचे।

जब तक होनेका होश है तब तक न होनेकी भूमिका मे प्रवेश नही हो सकता ये तभी संभव है-

वो न ज्ञानी, न वो ध्यानी, बिरहम, न वो शेख,

वो कोई और थे जो तेरे मकां तक पहुंचे।

अनुक्रम

 

1

प्रेम की झील में नौका-विहार

9

2

समाधि की अभिव्यक्तियां

37

3

मैं तो गिरधर के घर जाऊं

67

4

मृत्यु का वरण अमृत का स्वाद

95

5

पद घुंघरू बांध मीरा नाची रे

123

6

श्रद्धा है द्वार प्रभु का

153

7

मैने राम रतन धन पायो

187

8

दमन नही-ऊर्ध्वगमन

217

9

राम नाम रस पीजै मनुआं

247

10

फूल खिलता है अपनी निजता से

279

 

Post a Comment
 
Post Review
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy
Based on your browsing history
Loading... Please wait

Items Related to मैंने राम रतन धन पायो (मीरा... (Hindu | Books)

The Book of Nothing (Hsin Hsin Ming)
by Osho82
Hardcover (Edition: 2018)
Osho Media International
Item Code: NAE563
$35.00
Add to Cart
Buy Now
From the False to the Truth (Answers to the Seekers of the Path)
by Osho
Hardcover (Edition: 2016)
Osho Media International
Item Code: NAK250
$45.00
Add to Cart
Buy Now
The Rebellious Spirit
by Osho
Hardcover (Edition: 2012)
Osho Media International
Item Code: NAG718
$50.00
Add to Cart
Buy Now
Ah, This ! - Talks on Zen Stories
by Osho
Hardcover (Edition: 2018)
Osho Media International
Item Code: NAO667
$30.00
Add to Cart
Buy Now
Take It Easy (Talks On Zen Buddhism)
by Osho
Hardcover (Edition: 2010)
Osho Media International
Item Code: NAE143
$50.00
Add to Cart
Buy Now
Work is Love Made Visible
by Osho
Hardcover (Edition: 2011)
Osho Media International
Item Code: NAE317
$40.00
Add to Cart
Buy Now
The New Alchemy to Turn You On: The Innermost Secrets of Consciousness
by Osho
Hardcover (Edition: 2013)
Osho Media International
Item Code: IHL592
$28.00
Add to Cart
Buy Now
India My Love (Fragments of Golden Past)
by Osho
Hardcover (Edition: 2016)
Osho Media International
Item Code: NAM300
$50.00
Add to Cart
Buy Now
The Tantra Experience: Evolution through Love (On The Royal Song of Saraha)
by Osho
Paperback (Edition: 2011)
Osho Media International
Item Code: NAC884
$25.00
Add to Cart
Buy Now
The Book of Wisdom: The Heart of Tibetan Buddhism
by Osho
Paperback (Edition: 2005)
Osho Media International
Item Code: IDH509
$55.00
Add to Cart
Buy Now
I Say Unto You: Talks on the Sayings of Jesus
Deal 20% Off
by Osho
Hardcover (Edition: 2003)
Osho Media International
Item Code: NAE324
$35.00$28.00
You save: $7.00 (20%)
Add to Cart
Buy Now
Testimonials
appreciate being able to get this hard to find book from this great company Exotic India.
Mohan, USA
Both Om bracelets are amazing. Thanks again !!!
Fotis, Greece
Thank you for your wonderful website.
Jan, USA
Awesome collection! Certainly will recommend this site to friends and relatives. Appreciate quick delivery.
Sunil, UAE
Thank you so much, I'm honoured and grateful to receive such a beautiful piece of art of Lakshmi. Please congratulate the artist for his incredible artwork. Looking forward to receiving her on Haida Gwaii, Canada. I live on an island, surrounded by water, and feel Lakshmi's present all around me.
Kiki, Canada
Nice package, same as in Picture very clean written and understandable, I just want to say Thank you Exotic India Jai Hind.
Jeewan, USA
I received my order today. When I opened the FedEx packet, I did not expect to find such a perfectly wrapped package. The book has arrived in pristine condition and I am very impressed by your excellent customer service. It was my pleasure doing business with you and I look forward to many more transactions with your company. Again, many thanks for your fantastic customer service! Keep up the good work.
Sherry, Canada
I received the package today... Wonderfully wrapped and packaged (beautiful statue)! Please thank all involved for everything they do! I deeply appreciate everyone's efforts!
Frances, USA
I have always been delighted with your excellent service and variety of items.
James, USA
I've been happy with prior purchases from this site!
Priya, USA
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2019 © Exotic India