Warning: include(domaintitles/domaintitle_wiki.exoticindiaart.php3): failed to open stream: No such file or directory in /home/exotic/newexotic/header.php3 on line 761

Warning: include(): Failed opening 'domaintitles/domaintitle_wiki.exoticindiaart.php3' for inclusion (include_path='.:/usr/lib/php:/usr/local/lib/php') in /home/exotic/newexotic/header.php3 on line 761

Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Sign In  |  Sign up
Your Cart (0)
Best Deals
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Hindu > Gita > Hindi > सांध्यगीत: Sandhya Geet
Subscribe to our newsletter and discounts
सांध्यगीत: Sandhya Geet
Pages from the book
सांध्यगीत: Sandhya Geet
Look Inside the Book
Description

लेखक के बारे में

महादेवी वर्मा

जन्म : 1907, फर्रूखाबाद (.प्र.)

शिक्षा : मिडिल में प्रान्त-भर में प्रथम, इंट्रेंस प्रथम श्रेणी में, फिर 1927 में इंटर, 1929 मे बी.., प्रयाग विश्वविद्यालय से संस्कृत में एम. . 1932 में किया ।

गतिविधियाँ : प्रयाग महिला विद्यापीठ में प्रधानाचार्य और 1960 में कुलपति । का सम्पादन । 'विश्ववाणी' के 'युद्ध अंक' का सम्पादन । 'साहित्यकार' का प्रकाशन व सम्पादन। नाट्य संस्थान 'रंगवाणी' की प्रयाग में स्थापना ।

पुरस्कार : 'नीरजा' पर सेकसरिया पुरस्कार, 'स्मृति की रेखाएँ' पर द्विवेदी पदक, मंगलाप्रसाद पारितोषिक, उत्तर प्रदेश सरकार का विशिष्ट पुरस्कार, .प्र. हिंदी संस्थान का 'भारत भारती' पुरस्कार, ज्ञानपीठ पुरस्कार ।

उपाधियाँ : भारत सरकार की ओर से पद्मभूषण और फिर पद्मविभूषण अलंकरण। विक्रम, कुमाऊँ, दिल्ली, बनारस विश्वविद्यालयों से डी. लिट् की उपाधि। साहित्य अकादमी की सम्मानित सदस्या रहीं ।

कृति संदर्भ : यामा, दीपशिखा, पथ के साथी, अतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएँ, नीरजा, मेरा परिवार, सान्स्पगीत, चिन्तन के क्षण, सन्धिनी, सप्तपर्णा, क्षणदा, हिमालय, श्रृंखला की कड़ियाँ, साहित्यकार की आस्था तथा निबन्ध, संकल्पित (निबंध); सम्भाषण (भाषण); चिंतन के क्षण (रेडियो वार्ता); नीहार, रश्मि, प्रथम आयाम, अग्निरेखा, यात्रा (कविता-संग्रह)

निधन : 11 सितम्बर, 1987

 

अनुक्रम

1

अपने विषय में

9

2

प्रिय साध्य गगन

17

3

प्रिय मेरे गीले नयन

19

4

क्या न तुमने दीप बाला

20

5

रागभीनी तू सजनि

22

6

अश्रु मेरे माँगने जब

24

7

क्यों वह प्रिय आता पार नहीं

26

8

जाने किस जीवन की सुधि ले

28

9

शून्य मंदिर में बनूँगी

29

10

प्रिय-पथ के यह शूल

30

11

मेरा सजल मुख देख लेते

31

12

रे पपीहे पी कहाँ

33

13

विरह की घड़ियाँ हुईं

34

14

शलभ मैं शापमय वर हूँ

35

15

पंकज कली

37

16

हे मेरे चिर सुन्दर अपने

38

17

मैं सजग चिर साधना ले

39

18

मैं किसी की मूक छाया

40

19

यह सुख दुखमय राग

42

20

सो रहा है विश्व

43

21

री कुंज की शेफालिके

44

22

मैं नीरभरी दुख की बदली

45

23

आज मेरे नयन के

46

24

प्राण रमा पतझार सजनि

48

25

झिलमिलाती रात मेरी

49

26

दीप तेरा दामिनी

50

27

फिर विकल हैं प्राण मेरे

51

28

मेरी है पहेली बात

52

29

चिर सजग आँखें उनींदी

53

30

कीर का प्रिय आज

55

31

प्रिय चिरन्तन है सजनि

57

32

ओं अरुण वसना

59

33

देव अब वरदान कैसा

60

34

तन्द्रिल निशीथ में ले आये

61

35

यह सन्ध्या फूली सजीली

63

36

जाग-जाग सुकेशिनी री

65

37

तब क्षण-क्षण मधु-प्याले होंगे

67

38

आज सुनहली वेला

68

39

नव घन आज बनो पलकों में

69

40

क्या जलने की रीति शलभ

70

41

सपनों की रज आँज गया

71

42

क्यों मुझे प्रिय हों न बंधन

72

43

हे चिर महान्

74

44

सखि मैं हूँ अमर सुहाग भरी

76

45

कोकिल गा न ऐसा राग

78

46

तिमिर में वे पदचिह्न मिले

80

सांध्यगीत: Sandhya Geet

Item Code:
NZA937
Cover:
Paperback
Edition:
2017
Publisher:
ISBN:
9788180313035
Language:
Hindi
Size:
8.5 inch X 5.5 inch
Pages:
80
Other Details:
Weight of the Book: 100 gms
Price:
$12.00   Shipping Free
Look Inside the Book
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
सांध्यगीत: Sandhya Geet

Verify the characters on the left

From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 5635 times since 24th May, 2019

लेखक के बारे में

महादेवी वर्मा

जन्म : 1907, फर्रूखाबाद (.प्र.)

शिक्षा : मिडिल में प्रान्त-भर में प्रथम, इंट्रेंस प्रथम श्रेणी में, फिर 1927 में इंटर, 1929 मे बी.., प्रयाग विश्वविद्यालय से संस्कृत में एम. . 1932 में किया ।

गतिविधियाँ : प्रयाग महिला विद्यापीठ में प्रधानाचार्य और 1960 में कुलपति । का सम्पादन । 'विश्ववाणी' के 'युद्ध अंक' का सम्पादन । 'साहित्यकार' का प्रकाशन व सम्पादन। नाट्य संस्थान 'रंगवाणी' की प्रयाग में स्थापना ।

पुरस्कार : 'नीरजा' पर सेकसरिया पुरस्कार, 'स्मृति की रेखाएँ' पर द्विवेदी पदक, मंगलाप्रसाद पारितोषिक, उत्तर प्रदेश सरकार का विशिष्ट पुरस्कार, .प्र. हिंदी संस्थान का 'भारत भारती' पुरस्कार, ज्ञानपीठ पुरस्कार ।

उपाधियाँ : भारत सरकार की ओर से पद्मभूषण और फिर पद्मविभूषण अलंकरण। विक्रम, कुमाऊँ, दिल्ली, बनारस विश्वविद्यालयों से डी. लिट् की उपाधि। साहित्य अकादमी की सम्मानित सदस्या रहीं ।

कृति संदर्भ : यामा, दीपशिखा, पथ के साथी, अतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएँ, नीरजा, मेरा परिवार, सान्स्पगीत, चिन्तन के क्षण, सन्धिनी, सप्तपर्णा, क्षणदा, हिमालय, श्रृंखला की कड़ियाँ, साहित्यकार की आस्था तथा निबन्ध, संकल्पित (निबंध); सम्भाषण (भाषण); चिंतन के क्षण (रेडियो वार्ता); नीहार, रश्मि, प्रथम आयाम, अग्निरेखा, यात्रा (कविता-संग्रह)

निधन : 11 सितम्बर, 1987

 

अनुक्रम

1

अपने विषय में

9

2

प्रिय साध्य गगन

17

3

प्रिय मेरे गीले नयन

19

4

क्या न तुमने दीप बाला

20

5

रागभीनी तू सजनि

22

6

अश्रु मेरे माँगने जब

24

7

क्यों वह प्रिय आता पार नहीं

26

8

जाने किस जीवन की सुधि ले

28

9

शून्य मंदिर में बनूँगी

29

10

प्रिय-पथ के यह शूल

30

11

मेरा सजल मुख देख लेते

31

12

रे पपीहे पी कहाँ

33

13

विरह की घड़ियाँ हुईं

34

14

शलभ मैं शापमय वर हूँ

35

15

पंकज कली

37

16

हे मेरे चिर सुन्दर अपने

38

17

मैं सजग चिर साधना ले

39

18

मैं किसी की मूक छाया

40

19

यह सुख दुखमय राग

42

20

सो रहा है विश्व

43

21

री कुंज की शेफालिके

44

22

मैं नीरभरी दुख की बदली

45

23

आज मेरे नयन के

46

24

प्राण रमा पतझार सजनि

48

25

झिलमिलाती रात मेरी

49

26

दीप तेरा दामिनी

50

27

फिर विकल हैं प्राण मेरे

51

28

मेरी है पहेली बात

52

29

चिर सजग आँखें उनींदी

53

30

कीर का प्रिय आज

55

31

प्रिय चिरन्तन है सजनि

57

32

ओं अरुण वसना

59

33

देव अब वरदान कैसा

60

34

तन्द्रिल निशीथ में ले आये

61

35

यह सन्ध्या फूली सजीली

63

36

जाग-जाग सुकेशिनी री

65

37

तब क्षण-क्षण मधु-प्याले होंगे

67

38

आज सुनहली वेला

68

39

नव घन आज बनो पलकों में

69

40

क्या जलने की रीति शलभ

70

41

सपनों की रज आँज गया

71

42

क्यों मुझे प्रिय हों न बंधन

72

43

हे चिर महान्

74

44

सखि मैं हूँ अमर सुहाग भरी

76

45

कोकिल गा न ऐसा राग

78

46

तिमिर में वे पदचिह्न मिले

80

Post a Comment
 
Post Review
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy
Based on your browsing history
Loading... Please wait

Items Related to सांध्यगीत: Sandhya Geet (Hindu | Books)

राजेन्द्र बाबू: Short Story for Childrens
Deal 20% Off
Item Code: NZI403
$8.00$6.40
You save: $1.60 (20%)
Add to Cart
Buy Now
मेरा परिवार: My Family
Deal 20% Off
Item Code: NZG508
$15.00$12.00
You save: $3.00 (20%)
Add to Cart
Buy Now
सन्धिनी: Sandhini
Deal 20% Off
Item Code: NZA936
$10.00$8.00
You save: $2.00 (20%)
Add to Cart
Buy Now
यामा: Yama
Deal 20% Off
Item Code: NZA940
$8.00$6.40
You save: $1.60 (20%)
Add to Cart
Buy Now
नीरजा: Neerja
Deal 20% Off
Item Code: NZA927
$12.00$9.60
You save: $2.40 (20%)
Add to Cart
Buy Now
दीपशिखा: Deepshikha
Deal 20% Off
Item Code: NZA924
$12.00$9.60
You save: $2.40 (20%)
Add to Cart
Buy Now
Testimonials
Thank you for your wonderful website.
Jan, USA
Awesome collection! Certainly will recommend this site to friends and relatives. Appreciate quick delivery.
Sunil, UAE
Thank you so much, I'm honoured and grateful to receive such a beautiful piece of art of Lakshmi. Please congratulate the artist for his incredible artwork. Looking forward to receiving her on Haida Gwaii, Canada. I live on an island, surrounded by water, and feel Lakshmi's present all around me.
Kiki, Canada
Nice package, same as in Picture very clean written and understandable, I just want to say Thank you Exotic India Jai Hind.
Jeewan, USA
I received my order today. When I opened the FedEx packet, I did not expect to find such a perfectly wrapped package. The book has arrived in pristine condition and I am very impressed by your excellent customer service. It was my pleasure doing business with you and I look forward to many more transactions with your company. Again, many thanks for your fantastic customer service! Keep up the good work.
Sherry, Canada
I received the package today... Wonderfully wrapped and packaged (beautiful statue)! Please thank all involved for everything they do! I deeply appreciate everyone's efforts!
Frances, USA
I have always been delighted with your excellent service and variety of items.
James, USA
I've been happy with prior purchases from this site!
Priya, USA
Thank you. You are providing an excellent and unique service.
Thiru, UK
Thank You very much for this wonderful opportunity for helping people to acquire the spiritual treasures of Hinduism at such an affordable price.
Ramakrishna, Australia
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2019 © Exotic India