Warning: include(domaintitles/domaintitle_wiki.exoticindiaart.php3): failed to open stream: No such file or directory in /home/exotic/newexotic/header.php3 on line 761

Warning: include(): Failed opening 'domaintitles/domaintitle_wiki.exoticindiaart.php3' for inclusion (include_path='.:/usr/lib/php:/usr/local/lib/php') in /home/exotic/newexotic/header.php3 on line 761

Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Sign In  |  Sign up
Your Cart (0)
Best Deals
Buddha Wednesday sale - 25% + 10% off on all Buddhist Items
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Hindi > ज्योतिष > वृह्द्यवन जातक: Vriddhayavana Jataka (An Introduction)
Subscribe to our newsletter and discounts
वृह्द्यवन जातक: Vriddhayavana Jataka (An Introduction)
वृह्द्यवन जातक: Vriddhayavana Jataka (An Introduction)
Description

पुस्तक-परिचय

फलित-ज्योतिष के पाँच दुर्लभ जातक-ग्रन्थ क्रमश: लग्न-जातक गौरी-जातक, शिवजातक, योगिनी-जातक तथा मूलयवन जातक का यह संग्रह जो विद्वतापूर्ण टिप्पणियों से परिपूर्ण है पाठकों को फलादेश करने में अत्यन्त सहायक सिद्धु हो सकता है

सहायक ग्रन्थ के रूप में इस रचना की उपादेयता अक्षुण्ण है

लेखक परिचय

इस पुस्तक के लेखक श्री के.के. पाठक गत चालीस वर्षो से ज्योतिष-जगत में एक प्रतिष्ठित लेखक के रूप में चर्चित रहे हैं ऐस्ट्रोलॉजिकल मैगजीन, टाइम्स ऑफ ऐस्ट्रोलॉजी, बाबाजी तथा एक्सप्रेस स्टार टेलर जैसी पत्रिकाओं के नियमित पाठकों को विद्वान् लेखक का परिचय देने की आवश्यकता भी नहीं है क्योंकि इन पत्रिकाओं के लगभग चार सौ अंकों में कुल मिलाकर इनके लेख प्रकाशित हो चुके हैं इनकी शेष पुस्तकों को बड़े पैमाने पर प्रकाशित करने का उत्तरदायित्व एल्फा पब्लिकेशन ने लिया है ताकि पाठकों की सेवा हो सके

आदरणीय पाठकजी बिहार राज्य के सिवान जिले के हुसैनगंज प्रखण्ड के ग्राम पंचायत सहुली के प्रसादीपुर टोला के निवासी हैं। यह आर्यभट्ट तथा वाराहमिहिर की परम्परा के शाकद्विपीय ब्राह्मणकुल में उत्पन्न हुए इनका गोत्र शांडिल्य तथा पुर गौरांग पठखौलियार है पाठकजी बिहार प्रशासनिक सेवा में तैंतीस वर्षो तक कार्यरत रहने के पश्चात सन् 1993 . में सरकार के विशेष-सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए।

''इंडियन कौंसिल ऑफ ऐस्ट्रोलॉजिकल साईन्सेज'' द्वारा सन् 1998 . में आदरणीय पाठकजी को ''ज्योतिष भानु'' की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया सन् 1999 . में पाठकजी को ''आर संथानम अवार्ड'' भी प्रदान किया गया

ऐस्ट्रो-मेट्रोओलॉजी उपचारीय ज्योतिष, हिन्दू-दशा-पद्धति, यवन जातक तथा शास्त्रीय ज्योतिष के विशेषज्ञ के रूप में पाठकजी को मान्यता प्राप्त है

हम उनके स्वास्थ्य तथा दीर्घायु जीवन की कामना करते हैं

 

 

विषय-सूची

 

1

लग्न भाव फलम्

9

2

द्वितीय भाव फलम्

24

3

तृतीय भाव फलम्

36

4

चतुर्थ भाव फलम्

47

5

पंचम भाव फलम्

59

6

षष्ठ भाव फलम्

74

7

सप्तम भाव फलम्

84

8

अष्टम भाव फलम्

96

9

नवम भाव फलम्

109

10

दशम भाव फलम्

125

11

एकादश भाव फलम्

145

12

द्वादश भाव फलम्

170

 

 

 

Sample Pages













वृह्द्यवन जातक: Vriddhayavana Jataka (An Introduction)

Item Code:
NZA677
Cover:
Paperback
Edition:
2011
Publisher:
Language:
Sanskrit Text With Hindi Translation
Size:
8.5 inch X 5.5 inch
Pages:
190
Other Details:
Weight of the Book: 170 gms
Price:
$11.00
Discounted:
$8.25   Shipping Free
You Save:
$2.75 (25%)
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
वृह्द्यवन जातक: Vriddhayavana Jataka (An Introduction)

Verify the characters on the left

From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 4503 times since 28th Oct, 2016

पुस्तक-परिचय

फलित-ज्योतिष के पाँच दुर्लभ जातक-ग्रन्थ क्रमश: लग्न-जातक गौरी-जातक, शिवजातक, योगिनी-जातक तथा मूलयवन जातक का यह संग्रह जो विद्वतापूर्ण टिप्पणियों से परिपूर्ण है पाठकों को फलादेश करने में अत्यन्त सहायक सिद्धु हो सकता है

सहायक ग्रन्थ के रूप में इस रचना की उपादेयता अक्षुण्ण है

लेखक परिचय

इस पुस्तक के लेखक श्री के.के. पाठक गत चालीस वर्षो से ज्योतिष-जगत में एक प्रतिष्ठित लेखक के रूप में चर्चित रहे हैं ऐस्ट्रोलॉजिकल मैगजीन, टाइम्स ऑफ ऐस्ट्रोलॉजी, बाबाजी तथा एक्सप्रेस स्टार टेलर जैसी पत्रिकाओं के नियमित पाठकों को विद्वान् लेखक का परिचय देने की आवश्यकता भी नहीं है क्योंकि इन पत्रिकाओं के लगभग चार सौ अंकों में कुल मिलाकर इनके लेख प्रकाशित हो चुके हैं इनकी शेष पुस्तकों को बड़े पैमाने पर प्रकाशित करने का उत्तरदायित्व एल्फा पब्लिकेशन ने लिया है ताकि पाठकों की सेवा हो सके

आदरणीय पाठकजी बिहार राज्य के सिवान जिले के हुसैनगंज प्रखण्ड के ग्राम पंचायत सहुली के प्रसादीपुर टोला के निवासी हैं। यह आर्यभट्ट तथा वाराहमिहिर की परम्परा के शाकद्विपीय ब्राह्मणकुल में उत्पन्न हुए इनका गोत्र शांडिल्य तथा पुर गौरांग पठखौलियार है पाठकजी बिहार प्रशासनिक सेवा में तैंतीस वर्षो तक कार्यरत रहने के पश्चात सन् 1993 . में सरकार के विशेष-सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए।

''इंडियन कौंसिल ऑफ ऐस्ट्रोलॉजिकल साईन्सेज'' द्वारा सन् 1998 . में आदरणीय पाठकजी को ''ज्योतिष भानु'' की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया सन् 1999 . में पाठकजी को ''आर संथानम अवार्ड'' भी प्रदान किया गया

ऐस्ट्रो-मेट्रोओलॉजी उपचारीय ज्योतिष, हिन्दू-दशा-पद्धति, यवन जातक तथा शास्त्रीय ज्योतिष के विशेषज्ञ के रूप में पाठकजी को मान्यता प्राप्त है

हम उनके स्वास्थ्य तथा दीर्घायु जीवन की कामना करते हैं

 

 

विषय-सूची

 

1

लग्न भाव फलम्

9

2

द्वितीय भाव फलम्

24

3

तृतीय भाव फलम्

36

4

चतुर्थ भाव फलम्

47

5

पंचम भाव फलम्

59

6

षष्ठ भाव फलम्

74

7

सप्तम भाव फलम्

84

8

अष्टम भाव फलम्

96

9

नवम भाव फलम्

109

10

दशम भाव फलम्

125

11

एकादश भाव फलम्

145

12

द्वादश भाव फलम्

170

 

 

 

Sample Pages













Post a Comment
 
Post Review
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy
Based on your browsing history
Loading... Please wait

Items Related to वृह्द्यवन जातक: Vriddhayavana Jataka (An... (Hindi | Books)

Jataka Bharnam of Pandit Dhundiraj
by Girish Chand Sharma
Hardcover (Edition: 1998)
Sagar Publications
Item Code: NAL482
$35.00$26.25
You save: $8.75 (25%)
SOLD
Aryan Miscellany the Brihat Jataka of Varaha Mihira
by Usha, Shashi
Paperback (Edition: 2004)
Sagar Publications
Item Code: IDJ702
$24.00$18.00
You save: $6.00 (25%)
Add to Cart
Buy Now
Acharya Varahamihira's Brihat Jatak: An Immortal Source Book of Hindu Predictive Astrology
by Prof. P. S. Sastri
Paperback (Edition: 2007)
Ranjan Publications
Item Code: NAD283
$22.00$16.50
You save: $5.50 (25%)
Add to Cart
Buy Now
Jataka Mani Manjuha (Parasara Astrology)
Item Code: NAJ720
$80.00$60.00
You save: $20.00 (25%)
SOLD
Testimonials
Great selection. Thank you.
William, USA
appreciate being able to get this hard to find book from this great company Exotic India.
Mohan, USA
Both Om bracelets are amazing. Thanks again !!!
Fotis, Greece
Thank you for your wonderful website.
Jan, USA
Awesome collection! Certainly will recommend this site to friends and relatives. Appreciate quick delivery.
Sunil, UAE
Thank you so much, I'm honoured and grateful to receive such a beautiful piece of art of Lakshmi. Please congratulate the artist for his incredible artwork. Looking forward to receiving her on Haida Gwaii, Canada. I live on an island, surrounded by water, and feel Lakshmi's present all around me.
Kiki, Canada
Nice package, same as in Picture very clean written and understandable, I just want to say Thank you Exotic India Jai Hind.
Jeewan, USA
I received my order today. When I opened the FedEx packet, I did not expect to find such a perfectly wrapped package. The book has arrived in pristine condition and I am very impressed by your excellent customer service. It was my pleasure doing business with you and I look forward to many more transactions with your company. Again, many thanks for your fantastic customer service! Keep up the good work.
Sherry, Canada
I received the package today... Wonderfully wrapped and packaged (beautiful statue)! Please thank all involved for everything they do! I deeply appreciate everyone's efforts!
Frances, USA
I have always been delighted with your excellent service and variety of items.
James, USA
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2019 © Exotic India